Hindi Prem Kavita – कोयल सी मीठी है तेरी बोली

Hindi Prem Kavita – कोयल सी मीठी है तेरी बोली

कोयल सी मीठी है तेरी बोली
किधर चली तू खेल कर होली
झील से गहरे ये तेरे नैना
लुट लेते हैं मेरा ये चैना
जंगल से गहरे ये तेरे बाल
तू क्या जाने मेरे दिल का हाल
ये तेरे गुलाब से गुलाबी गाल
कर देते हैं मुझको बेहाल
हिरणी जैसी तेरी ये मतवारी चाल
कब तक रखें हम दिल को संभाल
उफ़ ये तेरी कातिल अदाएं
हाय मेरे दिल को कुछ यूँ तडपाए
जब भी तू सामने मेरे आये
दिल ये मेरा मेरी बनजा चिल्लाये

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